मुख्य नगर पालिका अधिकारी से मिलकर कार्य मे रखने का किया निवेदन
DCB न्यूज, नवापारा राजिम : नगर पालिका क्षेत्र के मणिकंचन केंद्र में सुपरवाइजर के रूप में 8 वर्षों तक सेवा दे चुकीं स्वच्छता दीदी नंदनी साहू को आखिरकार लंबे संघर्ष के बाद न्याय मिलने की उम्मीद जगी है।
विदित हो कि कुछ समय पूर्व रिलायंस पेट्रोल पंप के पास हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में नंदनी साहू गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। डॉक्टरों को उनका एक पैर काटना पड़ा, जिससे वे दिव्यांग हो गईं। हादसे के समय नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी लवकेश पैकरा द्वारा आश्वासन दिया गया था कि स्वस्थ होने पर उन्हें पुनः काम पर ले लिया जाएगा।

पांच महीने से पालिका का क़ाट रही थी चक्कर, विपक्ष ने उठाई आवाज
परंतु स्वस्थ होने के बाद पिछले 5 महीनों से नंदनी साहू नगर पालिका के चक्कर काट रही थीं और उन्हें सिर्फ मौखिक आश्वासन देकर टाल दिया जा रहा था, जिससे उनके सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया था।
इस अमानवीय व्यवहार को देखते हुए नगर पालिका के विपक्ष के पार्षदों ने एकजुट होकर दिव्यांग महिला के हक में आवाज उठाई।
क्या कहते है विपक्षी पार्षद
पार्षद दीपाली राजपूत ने कहा कि – “इस नगर की अध्यक्ष स्वयं महिला होने के बाद भी एक पीड़ित महिला की रोजगार की विपदा पर साथ न देना और मामले को गंभीरता से न लेना दुर्भाग्य का विषय है।”
पार्षद अर्जुन साहू ने कहा कि – “जिस स्वच्छता दीदी के भरोसे नगर की सफाई व्यवस्था चलती है, जिसने अपने जीवन के 8 वर्ष सेवा में दिए, उसके साथ इस तरह का व्यवहार निंदनीय है।”
इस मामले को प्रमुखता से उठाने वालों में पार्षद रामरतन निषाद, हेमंत सहानी, टिकेश्वर गिलहरे के साथ-साथ छत्तीसगढ़ स्वच्छता दीदी संगठन की प्रदेश उपाध्यक्ष निर्मला मेथ्यु, जिला अध्यक्ष वर्षा साहू एवं जिला सदस्य संतोष बारले का विशेष सहयोग रहा।
सभी जनप्रतिनिधियों ने एकजुट होकर सीएमओ से मुलाकात कर कड़ा रुख अपनाया, जिसके बाद आखिरकार प्रशासन को झुकना पड़ा।
मुख्य नगर पालिका अधिकारी लवकेश पैकरा ने मौखिक रूप से अंतिम आश्वासन दिया है कि आगामी 1 अक्टूबर तक नंदनी साहू को उनकी शारीरिक क्षमता के अनुसार कमांडो या प्लेसमेंट कर्मचारी के रूप में सम्मानपूर्वक सेवा में वापस ले लिया जाएगा।