
श्री दावड़ा यूनिवर्सिटी के मानद निदेशक तुलसीदास संघानी ने करियर चयन को लेकर कही बाते

DCB न्यूज, नवापारा-रायपुर: 12वीं की परीक्षाओं के परिणाम आने के बाद लाखों विद्यार्थी अपने भविष्य को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लेने की तैयारी में हैं। ऐसे समय में विद्यार्थियों को सामाजिक दबाव, प्रचलित धारणाओं अथवा दूसरों की पसंद के आधार पर नहीं, बल्कि अपनी रुचि, योग्यता और लक्ष्य के अनुरूप करियर का चयन करना चाहिए। यह बात श्री दावड़ा यूनिवर्सिटी के मानद निदेशक तुलसीदास संघानी ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कही।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय केवल डिग्री प्राप्त करने का नहीं, बल्कि ज्ञान और कौशल दोनों को विकसित करने का है। आज संचार कौशल, नेतृत्व क्षमता, समस्या समाधान, नवाचार, तकनीकी दक्षता और निरंतर सीखने की क्षमता सफलता के प्रमुख आधार बन चुके हैं। विद्यार्थियों को पारंपरिक करियर विकल्पों के साथ-साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस, साइबर सुरक्षा, डिजिटल मार्केटिंग, उद्यमिता, डिजाइन तथा कृषि नवाचार जैसे उभरते क्षेत्रों की संभावनाओं को भी समझना चाहिए।

अभिभावक बच्चों पर अपनी अपेक्षाएं थोपने के बजाय उनकी प्रतिभा और रुचियों को समझें…… संघानी
संघानी ने कहा कि करियर काउंसलिंग विद्यार्थियों को सही दिशा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। विद्यार्थियों को अपने भविष्य का निर्णय केवल मित्रों या रिश्तेदारों की सलाह पर नहीं लेना चाहिए, बल्कि योग्य शिक्षकों, करियर विशेषज्ञों और अनुभवी पेशेवरों से मार्गदर्शन प्राप्त करना चाहिए।
उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की कि वे बच्चों पर अपनी अपेक्षाएं थोपने के बजाय उनकी प्रतिभा और रुचियों को समझें। सहयोगात्मक वातावरण, विश्वास और सकारात्मक संवाद विद्यार्थियों के आत्मविश्वास को बढ़ाने में सहायक होते हैं।
उन्होंने कहा कि परीक्षा परिणाम जीवन का अंतिम निर्णय नहीं होता। सफलता और असफलता दोनों ही सीखने तथा आगे बढ़ने के अवसर हैं। सकारात्मक सोच, अनुशासन, आत्मविश्वास और निरंतर परिश्रम ही स्थायी सफलता की कुंजी हैं।

विद्यार्थियों के लिए सुझाव देते हुए उन्होंने अपनी रुचि और क्षमता को पहचानने, योग्य व्यक्तियों से करियर काउंसलिंग लेने, भीड़ का अनुसरण करने के बजाय स्वयं का मार्ग चुनने, नए करियर विकल्पों की जानकारी प्राप्त करने, तकनीकी एवं व्यावहारिक कौशल विकसित करने तथा मानसिक स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी।
प्रेस विज्ञप्ति के अंत में उन्होंने कहा कि 12वीं के बाद लिया गया निर्णय केवल किसी पाठ्यक्रम का चयन नहीं, बल्कि जीवन की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण अवसर है। इसलिए सही जानकारी और उचित मार्गदर्शन के साथ सोच-समझकर निर्णय लेना चाहिए.
