तहसीलदार बोले- शासकीय वन भूमि से हटाया कब्जा, मामला न्यायालय में लंबित होने का दावा


DCB न्यूज, नवापारा राजिम । तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत तर्री में गुरुवार को प्रशासन की बुलडोजर कार्रवाई से हड़कंप मच गया। तहसीलदार विक्रांत सिंह राठौर के नेतृत्व में 40 साल से काबिज ग्राम पंचायत की पंच खेबती बाई साहू के मकान पर बुलडोजर चला दिया गया। कार्रवाई के दौरान पुलिस बल तैनात रहा।

इस मामले में तहसीलदार विक्रांत सिंह राठौर ने कहा कि खसरा नंबर 584 शासकीय वन भूमि है। 26 मई 2026 को उक्त भूमि से बेदखली का आदेश पारित किया गया था। आदेश के परिपालन में आज कब्जा हटाया गया है। तहसीलदार के अनुसार तहसील और सिविल न्यायालय में प्रकरण समाप्त हो चुका है। एसडीएम न्यायालय से 15 तारीख तक स्टे मिला था, जिसे हटा दिया गया। स्टे हटने के बाद ही कार्रवाई की गई है।

वहीं पीड़ित पक्ष का आरोप है कि मामला अभी सिविल न्यायालय में विचाराधीन है। एसडीएम न्यायालय ने भी 30 जून को प्रकरण में पेशी की तारीख तय की है। पीड़ित खेबती बाई साहू ने कहा कि वे 40 साल से यहां निवास कर रहे हैं। बिना किसी पूर्व नोटिस के अचानक बुलडोजर चलाकर मकान तोड़ दिया गया। परिवार अब खुले आसमान के नीचे आ गया है।

पीड़ित पक्ष ने प्रशासन की कार्रवाई को एकतरफा बताया। उनका कहना है कि न्यायालय में अंतिम निर्णय से पहले की गई कार्रवाई गलत है। उन्होंने उच्च अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है।
इस कार्रवाई से आधा दर्जन पंच खेबती बाई साहू के समर्थन में मौके पर पहुंचे। पंचों ने भी इस कार्यवाही को गलत बताया है। गांव में इस कार्रवाई को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं। ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है।
कार्यवाही की वजह शासकीय भूमि पर लाभ दिलाना तो नहीं
पीड़िता खेबती बाई ने आरोप मड़ते हुए कहाकि उनके ज़मीन के पीछे लगानी भूमि हैं, जहाँ से आने जाने के लिए बाकायदा रास्ता भी है फिर भी रास्ते के नाम पर उनके घर को तुड़वाना समझ से परे हैं, इसके पीछे उनकी घर वाली 2.5 डिसमिल ज़मीन शासकीय भूमि पर नजर तो नहीं हैं, जबकि उनके घर के बाजु में बेदखली का एक आदेश 2024 से पड़ा हैं उस पर कोई कार्यवाही नहीं हो रही हैं. ऐसे में उन्होंने इस मामले में संदिग्ध मंशा जाहिर करते हुए यहाँ के जिम्मेदार से मिलीभगत की बात कहते हुए उच्चाधिकारियो से जाँच कर न्याय दिलाने की मांग की हैं.