नवापारा राजिम :- नगर के सबसे व्यस्त गंज रोड से एक बार फिर दिन के उजाले में दैत्याकार रेत से लदे हाइवा बेखौफ दौड़ रहे हैं। सोमवारी बाजार से बस स्टैंड तक का यह मार्ग जहां स्कूल, मंडी, बड़ी-बड़ी दुकानें हैं और रोजाना हजारों लोग खरीददारी व आवागमन करते हैं, वहां इन विशालकाय वाहनों की आवाजाही से दुर्घटना का गंभीर खतरा बढ़ गया है। पहले भी इन रेत हाइवाओं की वजह से कई हादसे हो चुके हैं, फिर भी काले कारोबारियों का हौसला बुलंद है।
स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों में भारी रोष है। उनका कहना है कि नगर पालिका ने गंज रोड के प्रवेश द्वार और सोमवारी बाजार में बड़े-बड़े बोर्ड लगाकर स्पष्ट लिख रखा है कि रात 10 बजे से सुबह 6 बजे के अलावा किसी भी समय रेत परिवहन पूर्णतः प्रतिबंधित है। बावजूद इसके नियमों को ठेंगा दिखाते हुए दिन के 12 बजे भी रेत के हाइवा धड़ल्ले से निकल रहे हैं। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर प्रशासन की नाक के नीचे यह अवैध खेल कैसे चल रहा है?

आम जनता ने की कड़ी कार्रवाई की मांग
नागरिकों ने स्थानीय प्रशासन से मांग की है कि प्रतिबंधित समय में रेत गाड़ियां चलाने वालों के खिलाफ तुरंत सख्त कार्रवाई की जाए। चालान से काम नहीं चलेगा, इनके खिलाफ FIR दर्ज हो और वाहन जब्त किए जाएं, ताकि दोबारा किसी की हिम्मत न हो।
पालिका ने शुरू किया “सफाई शुल्क” नाम का नया टैक्स
दूसरी तरफ नगर पालिका ने रात के समय रेत परिवहन करने वालों से अब “सफाई शुल्क” वसूलना शुरू कर दिया है। हाइवा वाले से 200 रुपये और ट्रैक्टर वाले से 50 रुपये लिए जा रहे हैं। मुख्य नगर पालिका अधिकारी लवकेश पैकरा का कहना है कि यह शुल्क पहले पारित प्रस्ताव के आधार पर लिया जा रहा है और इससे नगर की सफाई व्यवस्था मजबूत होगी।
हालांकि जब दिन में प्रतिबंधित समय में चल रही रेत गाड़ियों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, “इन्हें रोकने का पूरा प्रयास किया जाएगा।”
सवाल यही कि…
जब रात में शुल्क लेकर परिवहन को वैध बना दिया गया है, तो दिन में खुलेआम हो रहे अवैध परिवहन को रोकने का “प्रयास” कब सफल होगा? आखिर आम जनता की जान जोखिम में डालकर यह रेत का काला कारोबार कब तक चलता रहेगा?